Principal's Message

विद्या मानवी शील का श्रृंगार है, विवेक का मूल है, राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा है, जीवन की सफलता का दिव्य साधन है क्योंकि विद्या मन, वचन एवं कर्म में शुचिता और समता लाती है, अतः हमारा उद्देश्य छात्राओं में ज्ञान का बीज बोना साथ साथ उन्हें सभ्य, शिष्ट तथा संयत बनाना है, जीवन को मूल्यवान बनाकर उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाना है |
भिन्न भिन्न रुचियों एवं योग्यताओं में बालिकाओं का विकास अलग - अलग प्रकार से होता है | प्रत्येक बालिकाओं को क्षमता के अनुरूप महकते हुए देखकर मन प्रफुल्लित होता है |
श्रेष्ठतम जीवन जीने के लिये इनके ज्ञान, बौद्धिक, शारीरिक, व्यावहारिक एवं रचनात्मक कलाओं के उन्नयन हेतु उचत्तम मापदंडो पर शिक्षा प्रदान की जाती है |
परिणाम स्वरुप छात्राऐं विज्ञान, गणित, बौद्धिक प्रश्नमंच, भाषण, गीत, नृत्य, कला-संयोजन एवं खेलकूद में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं | अनेक पुरस्कारों एवं प्रशस्तिपत्रों से स्वयं को निरंतर अलंकृत कर रही हैं |
शिक्षा को अन्तज्योति शक्ति का श्रोत मान गया हैं अतः विद्यालय में छात्रा की अन्तनिर्हित क्षमताओं को इस प्रकार विकसित किया जाता हैं कि वे जीवन भर लाभान्वित रहे |
डॉ अंजू सूद